PM Fasal Bima Yojana 2026: देश के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और फसल खराब होने से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के तहत पात्र किसान अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा करवा सकते हैं और प्राकृतिक आपदा या अन्य कवर किए गए जोखिमों के कारण फसल खराब होने पर नियमों के अनुसार बीमा क्लेम प्राप्त कर सकते हैं।

PMFBY के आधिकारिक पोर्टल पर किसानों के लिए ऑनलाइन फसल बीमा आवेदन, प्रीमियम कैलकुलेटर, आवेदन/पॉलिसी स्टेटस और फसल नुकसान की सूचना देने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। आधिकारिक पोर्टल को 1 सितंबर 2026 को अपडेट किया गया है।
PM Fasal Bima Yojana 2026 क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना यानी Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) किसानों को फसल नुकसान के जोखिम से आर्थिक सुरक्षा देने वाली केंद्र सरकार की फसल बीमा योजना है।
इसमें अधिसूचित क्षेत्र और फसल के अनुसार बीमा कवरेज निर्धारित किया जाता है। योजना में प्राकृतिक कारणों से होने वाले कई प्रकार के फसल नुकसान को निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार कवर किया जाता है।
किसानों के लिए योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उन्हें पूरी बीमा प्रीमियम राशि नहीं देनी होती। पात्र फसल और मौसम के अनुसार किसान के हिस्से का अधिकतम प्रीमियम निर्धारित है, जबकि शेष प्रीमियम में सरकार की सब्सिडी का प्रावधान है।
PMFBY 2026 में किसान को कितना प्रीमियम देना होता है?
PMFBY के तहत किसान के हिस्से का अधिकतम प्रीमियम फसल और मौसम के आधार पर निर्धारित किया गया है।
| फसल/सीजन | किसान के हिस्से का अधिकतम प्रीमियम |
|---|---|
| खरीफ खाद्यान्न एवं तिलहन फसल | बीमित राशि का 2% |
| रबी खाद्यान्न एवं तिलहन फसल | बीमित राशि का 1.5% |
| वार्षिक वाणिज्यिक/बागवानी फसल | बीमित राशि का 5% |
अर्थात खरीफ में अधिसूचित खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए किसान का अधिकतम हिस्सा 2% तथा रबी में 1.5% तक है। वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए यह सीमा 5% तक है।
हालांकि वास्तविक भुगतान राशि किसान की फसल, क्षेत्र, बीमित राशि और संबंधित राज्य/जिले की अधिसूचना पर निर्भर कर सकती है। इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक PMFBY Premium Calculator से राशि जांचना बेहतर है।
किन फसलों का बीमा कराया जा सकता है?
PMFBY में मुख्य रूप से निम्न श्रेणियों की फसलों को शामिल किया जाता है:
- खाद्यान्न फसलें
- अनाज
- मोटे अनाज/मिलेट्स
- दलहन
- तिलहन
- वार्षिक वाणिज्यिक फसलें
- वार्षिक बागवानी फसलें
किसी विशेष जिले में कौन-सी फसल अधिसूचित है और उसका बीमा किस मौसम में उपलब्ध है, यह संबंधित राज्य की अधिसूचना पर निर्भर करता है।
किन कारणों से फसल नुकसान पर मिल सकता है बीमा?
PMFBY के तहत निर्धारित नियमों के अनुसार कई गैर-रोकथाम योग्य प्राकृतिक जोखिमों से होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- सूखा और शुष्क मौसम
- बाढ़ और जलभराव
- भूस्खलन
- ओलावृष्टि
- चक्रवात
- तूफान
- बिजली गिरना
- बेमौसम बारिश
- कीट और रोगों से होने वाला नुकसान
- अधिसूचित परिस्थितियों में फसल की बुवाई न हो पाना
- कुछ परिस्थितियों में कटाई के बाद होने वाला नुकसान
- स्थानीय आपदाओं से होने वाला नुकसान
हालांकि हर नुकसान अपने आप क्लेम के लिए पात्र नहीं होता। नुकसान का आकलन PMFBY के निर्धारित नियमों, अधिसूचना और संबंधित बीमा प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।
फसल बोने से पहले भी मिल सकता है कवरेज
कुछ निर्धारित परिस्थितियों में यदि प्रतिकूल मौसम के कारण अधिसूचित क्षेत्र में किसान फसल की बुवाई/रोपाई नहीं कर पाता है, तो योजना के नियमों के अनुसार Prevented Sowing के अंतर्गत दावा संभव हो सकता है।
आधिकारिक FAQ के अनुसार ऐसी स्थिति में अधिकतम 25% तक बीमित राशि के आधार पर indemnity का प्रावधान है, बशर्ते योजना की सभी निर्धारित शर्तें पूरी होती हों।
कटाई के बाद फसल नुकसान का भी प्रावधान
PMFBY में कुछ परिस्थितियों में कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को भी निर्धारित जोखिमों से होने वाले नुकसान के लिए कवरेज मिल सकता है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह कवरेज कुछ अधिसूचित फसलों और निर्धारित परिस्थितियों में कटाई के बाद अधिकतम 14 दिनों तक उपलब्ध हो सकता है।
PM Fasal Bima Yojana 2026 में आवेदन कैसे करें?
किसान PMFBY के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से फसल बीमा से संबंधित ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
Step 1: PMFBY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
Step 2: Farmer Corner में जाकर फसल बीमा आवेदन के विकल्प को चुनें।
Step 3: किसान रजिस्ट्रेशन/लॉगिन की प्रक्रिया पूरी करें।
Step 4: राज्य, योजना, मौसम और वर्ष की जानकारी भरें।
Step 5: किसान की व्यक्तिगत और बैंक संबंधी जानकारी दर्ज करें।
Step 6: जिस फसल और क्षेत्र का बीमा करवाना है, उसकी जानकारी भरें।
Step 7: आवश्यक दस्तावेज और जानकारी जमा करें।
Step 8: प्रीमियम की राशि की जांच करके आवेदन पूरा करें।
PMFBY पोर्टल पर नया किसान रजिस्ट्रेशन करने के लिए राज्य, योजना, मौसम और वर्ष सहित किसान की जानकारी भरने की सुविधा उपलब्ध है।
PMFBY Premium Calculator से प्रीमियम कैसे चेक करें?
किसान आवेदन से पहले यह भी पता कर सकता है कि उसे फसल बीमा के लिए कितना प्रीमियम देना पड़ सकता है।
इसके लिए PMFBY के आधिकारिक Insurance Premium Calculator में:
- वर्ष चुनें।
- मौसम चुनें।
- योजना चुनें।
- राज्य चुनें।
- जिला चुनें।
- फसल चुनें।
- खेती का क्षेत्रफल हेक्टेयर में दर्ज करें।
- Calculator से प्रीमियम की जानकारी प्राप्त करें।
आधिकारिक कैलकुलेटर में वर्ष, मौसम, योजना, राज्य, जिला, फसल और क्षेत्रफल के आधार पर जानकारी देखने का विकल्प उपलब्ध है।
फसल खराब होने पर किसान क्या करे?
यदि बीमित फसल को प्राकृतिक आपदा या योजना के अंतर्गत कवर किए गए जोखिम से नुकसान हुआ है, तो किसान को निर्धारित समय सीमा और प्रक्रिया के अनुसार नुकसान की सूचना देनी चाहिए।
PMFBY पोर्टल पर Krishi Rakshak Portal & Helpline (KRPH) के माध्यम से फसल नुकसान की रिपोर्ट और शिकायत की सुविधा उपलब्ध है। आधिकारिक पोर्टल पर हेल्पलाइन नंबर 14447 भी दिया गया है।
किसान को नुकसान की सूचना देने में अनावश्यक देरी नहीं करनी चाहिए और अपनी पॉलिसी/आवेदन से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए।
PM Fasal Bima Yojana 2026 में बीमा राशि कितनी मिलेगी?
बीमा राशि कोई एक निश्चित रकम नहीं है। आधिकारिक PMFBY FAQ के अनुसार बीमित राशि संबंधित जिले की Scale of Finance और किसान द्वारा बीमा की गई अधिसूचित फसल के क्षेत्रफल से निर्धारित होती है।
अर्थात अलग-अलग राज्य, जिला, फसल और क्षेत्रफल के लिए बीमा राशि अलग हो सकती है।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि PMFBY में हर किसान को फसल खराब होने पर निश्चित रूप से ₹50,000 या ₹1 लाख मिलेगा। वास्तविक क्लेम योजना के नियमों और नुकसान के आकलन के आधार पर निर्धारित होता है।
PMFBY में आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?
PM Fasal Bima Yojana की आवेदन की अंतिम तारीख सभी किसानों और सभी राज्यों के लिए एक जैसी नहीं होती। यह फसल, मौसम, राज्य, जिला और संबंधित अधिसूचना के आधार पर निर्धारित हो सकती है।
इसलिए 2026 के लिए केवल किसी पुराने वर्ष की तारीख को अंतिम तारीख मानना सही नहीं होगा।
किसान को अपने राज्य और जिले के लिए जारी PMFBY notification में अंतिम तारीख जरूर जांचनी चाहिए। आधिकारिक पोर्टल पर संबंधित फसल बीमा जानकारी और नोटिफिकेशन उपलब्ध होते हैं।
PM Fasal Bima Yojana 2026 के फायदे
इस योजना के प्रमुख फायदे इस प्रकार हैं:
- प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान का आर्थिक जोखिम कम होता है।
- किसान को कम प्रीमियम में फसल बीमा उपलब्ध हो सकता है।
- खरीफ खाद्यान्न और तिलहन फसलों पर किसान के हिस्से का अधिकतम प्रीमियम 2% है।
- रबी खाद्यान्न और तिलहन फसलों पर अधिकतम 1.5% है।
- वार्षिक वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए अधिकतम 5% है।
- कुछ परिस्थितियों में बुवाई न हो पाने और कटाई के बाद होने वाले नुकसान का भी प्रावधान है।
- ऑनलाइन प्रीमियम कैलकुलेटर उपलब्ध है।
- आवेदन/पॉलिसी स्टेटस ऑनलाइन चेक किया जा सकता है।
- फसल नुकसान और शिकायत के लिए 14447 हेल्पलाइन उपलब्ध है।
PM Fasal Bima Yojana 2026
किसान को फसल बीमा करवाने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसकी फसल और क्षेत्र संबंधित सीजन में अधिसूचित हैं। साथ ही आवेदन में जमीन, फसल, क्षेत्रफल और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी सही दर्ज करनी चाहिए।
बीमा करवाने के बाद किसान को आवेदन/पॉलिसी से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखना चाहिए। फसल में नुकसान होने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर सूचना देना महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
PM Fasal Bima Yojana 2026 किसानों के लिए फसल नुकसान के आर्थिक जोखिम को कम करने वाली महत्वपूर्ण सरकारी योजना है। योजना के तहत किसान को अपेक्षाकृत कम प्रीमियम देकर अधिसूचित फसल का बीमा कराने का अवसर मिलता है।
किसान के हिस्से का अधिकतम प्रीमियम सामान्यतः खरीफ खाद्यान्न एवं तिलहन फसलों के लिए 2%, रबी खाद्यान्न एवं तिलहन फसलों के लिए 1.5% और वार्षिक वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5% तक निर्धारित है। हालांकि वास्तविक प्रीमियम और कवरेज राज्य, जिला, फसल और संबंधित अधिसूचना के अनुसार बदल सकते हैं।
इसलिए 2026 में आवेदन करने से पहले किसान को PMFBY के आधिकारिक पोर्टल पर अपने राज्य, जिले और फसल की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।
PM Fasal Bima Yojana 2026 FAQs
Q1. PM Fasal Bima Yojana 2026 क्या है?
यह किसानों को अधिसूचित फसलों के प्राकृतिक जोखिम से होने वाले नुकसान के विरुद्ध बीमा सुरक्षा देने वाली सरकारी योजना है।
Q2. खरीफ फसल के लिए किसान कितना प्रीमियम देता है?
खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए किसान के हिस्से का अधिकतम प्रीमियम बीमित राशि का 2% है।
Q3. रबी फसल के लिए कितना प्रीमियम है?
रबी खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए किसान के हिस्से का अधिकतम प्रीमियम 1.5% है।
Q4. PMFBY में फसल नुकसान की शिकायत कैसे करें?
PMFBY पोर्टल पर उपलब्ध Krishi Rakshak Portal & Helpline के माध्यम से शिकायत/नुकसान की सूचना दी जा सकती है। हेल्पलाइन नंबर 14447 है।
Q5. क्या PMFBY का प्रीमियम ऑनलाइन चेक किया जा सकता है?
हां। आधिकारिक PMFBY वेबसाइट पर Insurance Premium Calculator उपलब्ध है।
Q6. क्या हर फसल PMFBY में कवर होती है?
नहीं। केवल संबंधित राज्य/क्षेत्र में अधिसूचित और योजना के अंतर्गत आने वाली फसलें ही कवर होती हैं।
Q7. PMFBY में अपनी पॉलिसी का स्टेटस कैसे देखें?
PMFBY के आधिकारिक पोर्टल पर Application Status की सुविधा के माध्यम से पॉलिसी/आवेदन की स्थिति जांची जा सकती है।
Official PMFBY Portal: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की आधिकारिक वेबसाइट